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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 7: उत्तर काण्ड
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सर्ग 49: मुनि कुमारोंसे समाचार पाकर वाल्मीकि का सीता के पास आ उन्हें सान्त्वना देना और आश्रम में लिवा ले जाना
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श्लोक 13
श्लोक
7.49.13
तव चैव महाभागे विदितं मम तत्त्वत:।
सर्वं च विदितं मह्यं त्रैलोक्ये यद्धि वर्तते॥ १३॥
अनुवाद
हे महात्मन! मैंने आपकी सम्पूर्ण कथा विस्तारपूर्वक जान ली है। तीनों लोकों में जो कुछ हो रहा है, वह मुझे ज्ञात है॥13॥
O great one! I have understood your entire story in detail. Whatever is happening in the three worlds is known to me.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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