श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 49: मुनि कुमारोंसे समाचार पाकर वाल्मीकि का सीता के पास आ उन्हें सान्त्वना देना और आश्रम में लिवा ले जाना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.49.12 
आयान्ती चासि विज्ञाता मया धर्मसमाधिना।
कारणं चैव सर्वं मे हृदयेनोपलक्षितम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
'जब तुम यहाँ आ रहे थे, तब मुझे समाधि द्वारा यह बात ज्ञात हुई। मैंने मन से तुम्हारे त्याग का कारण जान लिया है।॥12॥
 
‘When you were coming here, I came to know about this through my samadhi. I have understood the reason for your abandonment through my mind.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)