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ramayan 7.48.9: 'परन्तु सुमित्रानंदन! तुम्हें राजा की आज्ञा का पालन करना होगा। मुझ दुःखी को यहाँ छोड़ दो और राजा की आज्ञा का पालन करने में दृढ़ रहो और मेरी बात मानो -॥9॥   |   ramayan सर्ग 7.48: सीता का दुःखपूर्ण वचन, श्रीराम के लिये उनका संदेश, लक्ष्मण का जाना और सीता का रोना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 48: सीता का दुःखपूर्ण वचन, श्रीराम के लिये उनका संदेश, लक्ष्मण का जाना और सीता का रोना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.48.9 
यथाज्ञं कुरु सौमित्रे त्यज्य मां दु:खभागिनीम्।
निदेशे स्थीयतां राज्ञ: शृणु चेदं वचो मम॥ ९॥
 
 
अनुवाद
'परन्तु सुमित्रानंदन! तुम्हें राजा की आज्ञा का पालन करना होगा। मुझ दुःखी को यहाँ छोड़ दो और राजा की आज्ञा का पालन करने में दृढ़ रहो और मेरी बात मानो -॥9॥
 
‘But Sumitra Nandan! You must do what the king has commanded you. Leave me here, who is suffering, and remain steadfast in obeying the king’s orders and listen to me -॥9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)