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ramayan 7.48.20-21h: वह जोर-जोर से रोते हुए सीता के चारों ओर चक्कर लगाने लगा और कुछ देर सोचने के बाद उससे बोला - 'शोभने! तुम मुझसे क्या कह रही हो?   |   ramayan सर्ग 7.48: सीता का दुःखपूर्ण वचन, श्रीराम के लिये उनका संदेश, लक्ष्मण का जाना और सीता का रोना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.48.20-21h 
प्रदक्षिणं च तां कृत्वा रुदन्नेव महास्वन:॥ २०॥
ध्यात्वा मुहूर्तं तामाह किं मां वक्ष्यसि शोभने।
 
 
अनुवाद
वह जोर-जोर से रोते हुए सीता के चारों ओर चक्कर लगाने लगा और कुछ देर सोचने के बाद उससे बोला - 'शोभने! तुम मुझसे क्या कह रही हो?
 
While crying loudly he circled around Sita and after thinking for a while said to her - 'Shobhane! What are you saying to me?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)