Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.48.2: दो मिनट तक उन्हें होश नहीं आया। उनकी आँखों से अविरल आँसुओं की धारा बहती रही। फिर होश में आने पर जनकपुत्री करुण स्वर में लक्ष्मण से बोलीं-॥2॥ | ramayan सर्ग 7.48: सीता का दुःखपूर्ण वचन, श्रीराम के लिये उनका संदेश, लक्ष्मण का जाना और सीता का रोना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दो मिनट तक उन्हें होश नहीं आया। उनकी आँखों से अविरल आँसुओं की धारा बहती रही। फिर होश में आने पर जनकपुत्री करुण स्वर में लक्ष्मण से बोलीं-॥2॥
He did not regain consciousness for two minutes. A continuous stream of tears kept flowing from his eyes. Then on regaining consciousness, Janak's daughter spoke to Lakshman in a pitiful voice -॥2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥