Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.46.2-3: सारथि! एक उत्तम रथ में शीघ्रगामी घोड़े जोतकर सीताजी के लिए सुन्दर आसन बिछाओ। महाराज की अनुमति से मैं सीतादेवी को पुण्यकर्मा महर्षि के आश्रम में ले जाऊँगा। तुम शीघ्रता से रथ ले आओ। 2-3॥ | ramayan सर्ग 7.46: लक्ष्मण का सीता को रथ पर बिठाकर उन्हें वन में छोड़ने के लिये ले जाना और गङ्गाजी के तट पर पहुँचना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सारथि! एक उत्तम रथ में शीघ्रगामी घोड़े जोतकर सीताजी के लिए सुन्दर आसन बिछाओ। महाराज की अनुमति से मैं सीतादेवी को पुण्यकर्मा महर्षि के आश्रम में ले जाऊँगा। तुम शीघ्रता से रथ ले आओ। 2-3॥
Charioteer! Harness fast-moving horses into an excellent chariot and spread a beautiful seat for Sitaji in that chariot. With the permission of Maharaja, I will take Sita Devi to the ashram of Punyakarma Maharshi. You bring the chariot quickly. 2-3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥