Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.44.6-7h: लक्ष्मण को जाते देख द्वारपाल भरत के पास गया और हाथ जोड़कर उन्हें नमस्कार करके नम्रतापूर्वक बोला - 'प्रभु! राजा आपसे मिलना चाहते हैं।'   |   ramayan सर्ग 7.44: श्रीराम के बुलाने से सब भाइयों का उनके पास आना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 44: श्रीराम के बुलाने से सब भाइयों का उनके पास आना  »  श्लोक 6-7h
 
 
श्लोक  7.44.6-7h 
प्रयान्तं लक्ष्मणं दृष्ट्वा द्वा:स्थो भरतमन्तिकात्।
उवाच भरतं तत्र वर्धयित्वा कृताञ्जलि:॥ ६॥
विनयावनतो भूत्वा राजा त्वां द्रष्टुमिच्छति।
 
 
अनुवाद
लक्ष्मण को जाते देख द्वारपाल भरत के पास गया और हाथ जोड़कर उन्हें नमस्कार करके नम्रतापूर्वक बोला - 'प्रभु! राजा आपसे मिलना चाहते हैं।'
 
Seeing Lakshmana leaving, the gatekeeper went to Bharata and with folded hands greeted him and said humbly - 'Prabhu! The king wishes to meet you.' 6 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)