श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 43: भद्र का पुरवासियों के मुख से सीता के विषयमें सुनी हुई अशुभ चर्चा से श्रीराम को अवगत कराना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  7.43.23 
श्रुत्वा तु वाक्यं काकुत्स्थ: सर्वेषां समुदीरितम्।
विसर्जयामास तदा वयस्यान् शत्रुसूदन:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
सबकी यह बात सुनकर शत्रुघ्न के रक्षक भगवान राम ने तुरन्त ही अपने सब मित्रों को भेज दिया।
 
On hearing this from everyone, Lord Rama, the protector of Shatrughan, immediately sent all his friends away. 23.
 
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये उत्तरकाण्डे त्रिचत्वारिंश: सर्ग: ॥ ४ ३॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके उत्तरकाण्डमें तैंतालीसवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ ४ ३॥
 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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