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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 7: उत्तर काण्ड
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सर्ग 43: भद्र का पुरवासियों के मुख से सीता के विषयमें सुनी हुई अशुभ चर्चा से श्रीराम को अवगत कराना
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श्लोक 2
श्लोक
7.43.2
विजयो मधुमत्तश्च काश्यपो मङ्गल: कुल:।
सुराजि: कालियो भद्रो दन्तवक्त्र: सुमागध:॥ २॥
अनुवाद
उन मित्रों के नाम इस प्रकार हैं- विजय, मधुमत्त, कश्यप, मंगल, कुल, सुराजी, कालिया, भद्र, दन्तवक्त्र और सुमगध। 2॥
The names of those friends are as follows – Vijay, Madhumatta, Kashyap, Mangal, Kul, Suraji, Kaliya, Bhadra, Dantavaktra and Sumagadh. 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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