श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 43: भद्र का पुरवासियों के मुख से सीता के विषयमें सुनी हुई अशुभ चर्चा से श्रीराम को अवगत कराना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.43.13 
शृणु राजन् यथा पौरा: कथयन्ति शुभाशुभम्।
चत्वरापणरथ्यासु वनेषूपवनेषु च॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! सुनो, मैं तुम्हें बताता हूँ कि नगर के लोग चौराहों पर, बाजार में, सड़कों पर तथा वन और उद्यानों में भी तुम्हारे विषय में क्या-क्या भला-बुरा कहते हैं॥ 13॥
 
‘O King! Listen, I am telling you what good and bad things the people of the city say about you at crossroads, in the market, on the roads, and even in the forests and gardens.॥ 13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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