श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 43: भद्र का पुरवासियों के मुख से सीता के विषयमें सुनी हुई अशुभ चर्चा से श्रीराम को अवगत कराना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  7.43.11 
कथयस्व च विस्रब्धो निर्भयं विगतज्वर:।
कथयन्ति यथा पौरा: पापा जनपदेषु च॥ ११॥
 
 
अनुवाद
निश्चिंत होकर निःसंकोच होकर मुझे बताओ कि नगर और क्षेत्र के लोग मेरे विषय में किस प्रकार की नकारात्मक अफवाहें फैला रहे हैं।॥11॥
 
Be confident and carefree and tell me without any hesitation what kind of negative rumours the people of the city and the region are spreading about me.'॥ 11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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