Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.42.31-32h: फिर उन्होंने दिव्य कन्या के समान सुन्दरी सीता से कहा - 'विदेहनन्दिनी! तुम्हारे गर्भ से पुत्र उत्पन्न होने का यही समय है। वररोहे! कहो, तुम्हारी क्या इच्छा है? मैं तुम्हारी कौन-सी इच्छा पूरी करूँ?'॥31 1/2॥ | ramayan सर्ग 7.42: अशोकवनिका में श्रीराम और सीता का विहार, गर्भिणी सीता का तपोवन देखने की इच्छा प्रकट करना और श्रीराम का इसके लिये स्वीकृति देना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
फिर उन्होंने दिव्य कन्या के समान सुन्दरी सीता से कहा - 'विदेहनन्दिनी! तुम्हारे गर्भ से पुत्र उत्पन्न होने का यही समय है। वररोहे! कहो, तुम्हारी क्या इच्छा है? मैं तुम्हारी कौन-सी इच्छा पूरी करूँ?'॥31 1/2॥
Then he said to Sita who was as beautiful as a celestial maiden - 'Videhanandini! This is the time for a son to be born from your womb. Vararohe! Tell me, what is your wish? Which of your desires should I fulfill?'॥ 31 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥