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संध्यायास्तनयां लब्ध्वा विद्युत्केशो निशाचर:।
रमते स तया सार्धं पौलोम्या मघवानिव॥ २२॥
अनुवाद
संध्या की पुत्री को पाकर रात्रि दानव विद्युत्केश उसके साथ उसी प्रकार रमण करने लगा, जैसे भगवान इन्द्र पुलोमा की पुत्री शची के साथ रमण करते हैं।
Having found Sandhya's daughter, the night demon Vidyutkesh began to enjoy with her in the same manner as Lord Indra enjoys with Puloma's daughter Sachi.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥