श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 4: रावण आदि का जन्म और उनका तप के लिये गोकर्ण - आश्रम में जाना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.4.19 
स यदा यौवनं भद्रमनुप्राप्तो निशाचर:।
ततो दारक्रियां तस्य कर्तुं व्यवसित: पिता॥ १९॥
 
 
अनुवाद
जब रात्रिचर विद्युत्केश युवावस्था में पहुंचा, तो उसके पिता, राक्षसराज हेति ने अपने पुत्र का विवाह करने का निर्णय लिया।
 
When the nocturnal Vidyutkesh grew up to the ripe youth, his father, the demon king Heti, decided to get his son married.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)