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ramayan 7.4.16: वह अत्यन्त आत्मविश्वास से युक्त और अत्यन्त बुद्धिमान था। उसने स्वयं भिक्षा माँगकर कल्कि की पुत्री भय्या से विवाह किया। भय्या अत्यन्त भयंकर था॥16॥   |   ramayan सर्ग 7.4: रावण आदि का जन्म और उनका तप के लिये गोकर्ण - आश्रम में जाना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 4: रावण आदि का जन्म और उनका तप के लिये गोकर्ण - आश्रम में जाना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.4.16 
स कालभगिनीं कन्यां भयां नाम महाभयाम्।
उदावहदमेयात्मा स्वयमेव महामति:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
वह अत्यन्त आत्मविश्वास से युक्त और अत्यन्त बुद्धिमान था। उसने स्वयं भिक्षा माँगकर कल्कि की पुत्री भय्या से विवाह किया। भय्या अत्यन्त भयंकर था॥16॥
 
‘He was endowed with immense self-confidence and was very intelligent. He himself begged and married Bhaya, the daughter of Kalki. Bhaya was very fearful.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)