Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.4.11: हे दूसरों को सम्मान देने वाले रघुवीर! उन सबको आते देख प्रजापति ने वाणी से उन्हें संबोधित किया और मुस्कुराते हुए कहा - 'हे जलचरों! तुम लोग बड़ी सावधानी से इस जल की रक्षा करो।'॥11॥ | ramayan सर्ग 7.4: रावण आदि का जन्म और उनका तप के लिये गोकर्ण - आश्रम में जाना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे दूसरों को सम्मान देने वाले रघुवीर! उन सबको आते देख प्रजापति ने वाणी से उन्हें संबोधित किया और मुस्कुराते हुए कहा - 'हे जलचरों! तुम लोग बड़ी सावधानी से इस जल की रक्षा करो।'॥11॥
O Raghuvir who gives respect to others! Seeing them all coming, Prajapati addressed them with his voice and smilingly said - 'O aquatic animals! You must protect this water with great care.'॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥