श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 39: राजाओं का श्रीराम के लिये भेंट देना और श्रीराम का वह सब लेकर अपने मित्रों, वानरों, रीछों और राक्षसों को बाँट देना तथा वानर आदि का वहाँ सुखपूर्वक रहना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  7.39.27 
एवं तेषां निवसतां मास: साग्रो ययौ तदा।
मुहूर्तमिव ते सर्वे रामभक्त्या च मेनिरे॥ २७॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार वानरों ने वहाँ एक महीने से अधिक समय बिताया; किन्तु श्री रघुनाथजी के प्रति उनकी भक्ति के कारण वह समय उन्हें क्षण के समान प्रतीत हुआ।
 
In this manner the monkeys spent more than a month there; but due to their devotion towards Sri Raghunatha the time seemed like a moment to them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)