श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 39: राजाओं का श्रीराम के लिये भेंट देना और श्रीराम का वह सब लेकर अपने मित्रों, वानरों, रीछों और राक्षसों को बाँट देना तथा वानर आदि का वहाँ सुखपूर्वक रहना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  7.39.15 
ते सर्वे रामदत्तानि रत्नानि कपिराक्षसा:।
शिरोभिर्धारयामासुर्भुजेषु च महाबला:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
उन सब महाबली वानरों और राक्षसों ने भगवान् राम द्वारा दी गई मणियों को अपने मस्तक और भुजाओं पर धारण किया ॥15॥
 
All those mighty monkeys and demons wore the gems given by Lord Rama on their heads and arms. ॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)