श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 38: श्रीराम के द्वारा राजा जनक, युधाजित्, प्रतर्दन तथा अन्य नरेशों की विदार्इ  »  श्लोक 27-28h
 
 
श्लोक  7.38.27-28h 
प्रत्यूचुस्तं च राजानो हर्षेण महता वृता:॥ २७॥
दिष्टॺा त्वं विजयी राम स्वराज्येऽपि प्रतिष्ठित:।
 
 
अनुवाद
इस पर राजा बड़े हर्ष से भर गए और बोले, 'श्रीराम! आप विजयी हुए और अपने राज्य में भी प्रतिष्ठित हो गए, यह बड़े सौभाग्य की बात है।'
 
On this the kings were filled with great joy and said, 'Shri Ram! You have been victorious and have also been established in your kingdom, this is a matter of great fortune. 27 1/2.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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