Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.38.26-27h: आप सभी महामनस्वी राजाओं ने राक्षसों पर आक्रमण करने में तत्परता दिखाई थी। तब से आप लोगों ने यहाँ बहुत समय व्यतीत किया है। अतः अब मैं आप लोगों का अपने नगर को लौट जाना उचित समझता हूँ।॥26 1/2॥ | ramayan सर्ग 7.38: श्रीराम के द्वारा राजा जनक, युधाजित्, प्रतर्दन तथा अन्य नरेशों की विदार्इ । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उद्युक्तानां च सर्वेषां पार्थिवानां महात्मनाम्॥ २६॥
कालोऽप्यतीत: सुमहान् गमनं रोचयाम्यत:।
अनुवाद
आप सभी महामनस्वी राजाओं ने राक्षसों पर आक्रमण करने में तत्परता दिखाई थी। तब से आप लोगों ने यहाँ बहुत समय व्यतीत किया है। अतः अब मैं आप लोगों का अपने नगर को लौट जाना उचित समझता हूँ।॥26 1/2॥
‘All of you great-minded kings were diligent in attacking the demons. Since then, you have spent a lot of time here. Therefore, now I feel it is appropriate for you all to return to your city.’॥ 26 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥