श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 38: श्रीराम के द्वारा राजा जनक, युधाजित्, प्रतर्दन तथा अन्य नरेशों की विदार्इ  »  श्लोक 25-26h
 
 
श्लोक  7.38.25-26h 
भवन्तश्च समानीता भरतेन महात्मना॥ २५॥
श्रुत्वा जनकराजस्य काननात् तनयां हृताम्।
 
 
अनुवाद
‘जनक पुत्री सीता के वन से हरण का समाचार सुनकर महात्मा भरत ने आप सबको यहाँ बुलाया है।
 
‘On hearing the news of the abduction of Sita, the daughter of Janaka, from the forest, Mahatma Bharata called you all here. 25 1/2.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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