श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 38: श्रीराम के द्वारा राजा जनक, युधाजित्, प्रतर्दन तथा अन्य नरेशों की विदार्इ  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  7.38.17 
दर्शिता भवता प्रीतिर्दर्शितं सौहृदं परम्।
उद्योगश्च त्वया राजन् भरतेन कृत: सह॥ १७॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! आपने भरत के साथ राज्याभिषेक के कार्य में पूर्ण प्रयत्न किया है और ऐसा करके आपने अपने महान प्रेम और परम सौहार्द का परिचय दिया है॥ 17॥
 
O King! You have made every effort with Bharat in the work of coronation and by doing so you have demonstrated your great love and utmost cordiality.॥ 17॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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