श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 38: श्रीराम के द्वारा राजा जनक, युधाजित्, प्रतर्दन तथा अन्य नरेशों की विदार्इ  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.38.10 
इदं राज्यमहं चैव भरतश्च सलक्ष्मण:।
आयत्तस्त्वं हि नो राजन् गतिश्च पुरुषर्षभ॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! हे महापुरुष! यह राज्य, मैं, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न - सभी आपके अधीन हैं। आप ही हमारे एकमात्र आश्रय हैं।
 
O King! O great man! This kingdom, I, Bharat, Lakshmana and Shatrughna - all are under your control. You are our only refuge.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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