जब सब लोग अपने-अपने स्थान पर बैठ गए, तब पुराणों के ज्ञाता महापुरुष नाना प्रकार की धार्मिक कथाएँ सुनाने लगे॥24॥
When everybody was seated at their respective places, the great men versed in the Puranas began narrating different religious stories.*॥ 24॥
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये उत्तरकाण्डे सप्तत्रिंश: सर्ग: ॥ ३ ७॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके उत्तरकाण्डमें सैंतीसवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ ३ ७॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)