श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 36: ब्रह्मा आदि देवताओं का हनुमान्जी को जीवित करके नाना प्रकारके वरदान देना और वायु का उन्हें लेकर अञ्जना के घर जाना, ऋषियों के शाप से हनुमान्जी को अपने बल की विस्मृति, श्रीराम का अगस्त्य आदि ऋषियों से अपने यज्ञ में पधारने के लिये प्रस्ताव करके उन्हें विदा देना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  7.36.39 
तस्मिन्नस्तमिते चाथ मन्त्रिभिर्मन्त्रकोविदै:।
पित्र्ये पदे कृतो वाली सुग्रीवो वालिन: पदे॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
उसके मर जाने पर मन्त्रियों ने उसके पिता के स्थान पर वालि को राजा बनाया और वालि के स्थान पर सुग्रीव को युवराज बनाया ॥39॥
 
After his death, the ministers made Vali the king in place of his father and Sugriva in place of Vali as the crown prince. 39॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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