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ramayan 7.34.9: विश्रवकुमार! वालि समस्त आश्चर्यों का भण्डार है। तुम इसी समय उसका दर्शन करोगे। इस शुभ घड़ी तक उसकी प्रतीक्षा करो, अन्यथा तुम्हारा जीवन दुर्लभ हो जाएगा॥ 9॥   |   ramayan सर्ग 7.34: वाली के द्वारा रावण का पराभव तथा रावण का उन्हें अपना मित्र बनाना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 34: वाली के द्वारा रावण का पराभव तथा रावण का उन्हें अपना मित्र बनाना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.34.9 
पश्येदानीं जगच्चित्रमिमं विश्रवस: सुत।
इदं मुहूर्तं तिष्ठस्व दुर्लभं ते भविष्यति॥ ९॥
 
 
अनुवाद
विश्रवकुमार! वालि समस्त आश्चर्यों का भण्डार है। तुम इसी समय उसका दर्शन करोगे। इस शुभ घड़ी तक उसकी प्रतीक्षा करो, अन्यथा तुम्हारा जीवन दुर्लभ हो जाएगा॥ 9॥
 
Vishravkumar! Vali is the storehouse of all wonders. You will see him at this time. Just wait for him till this auspicious moment; otherwise life will become rare for you.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)