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ramayan 7.34.30: वे महाबली वानरों ने, जो वायु के समान वेग और मन के समान तेज वाले थे, रावण को हजारों योजन तक उठाकर ले गए और फिर अपने शत्रुओं सहित उत्तर सागर के तट पर जा पहुँचे।   |   ramayan सर्ग 7.34: वाली के द्वारा रावण का पराभव तथा रावण का उन्हें अपना मित्र बनाना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 34: वाली के द्वारा रावण का पराभव तथा रावण का उन्हें अपना मित्र बनाना  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  7.34.30 
बहुयोजनसाहस्रं वहमानो महाहरि:।
वायुवच्च मनोवच्च जगाम सह शत्रुणा॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
वे महाबली वानरों ने, जो वायु के समान वेग और मन के समान तेज वाले थे, रावण को हजारों योजन तक उठाकर ले गए और फिर अपने शत्रुओं सहित उत्तर सागर के तट पर जा पहुँचे।
 
Those great monkeys, with speed like the wind and the mind, carried Ravana for thousands of yojanas. Then, along with their enemy, they went to the shores of the northern ocean.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)