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ramayan 7.34.3: तत्पश्चात् एक दिन वह वालि द्वारा पोषित किष्किन्धपुरी में गया और स्वर्ण-मालाधारी वालि को युद्ध के लिए ललकारा।   |   ramayan सर्ग 7.34: वाली के द्वारा रावण का पराभव तथा रावण का उन्हें अपना मित्र बनाना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 34: वाली के द्वारा रावण का पराभव तथा रावण का उन्हें अपना मित्र बनाना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.34.3 
तत: कदाचित् किष्किन्धां नगरीं वालिपालिताम्।
गत्वाऽऽह्वयति युद्धाय वालिनं हेममालिनम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् एक दिन वह वालि द्वारा पोषित किष्किन्धपुरी में गया और स्वर्ण-मालाधारी वालि को युद्ध के लिए ललकारा।
 
Thereafter one day he went to Kishkindapuri, nurtured by Vali, and challenged the golden-garlanded Vali for a battle.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)