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ramayan 7.34.23: जब रावण को इस प्रकार ले जाया गया, तो उसके मंत्री उसे बाली से बचाने के लिए जोर-जोर से चिल्लाते हुए उसके पीछे दौड़े।   |   ramayan सर्ग 7.34: वाली के द्वारा रावण का पराभव तथा रावण का उन्हें अपना मित्र बनाना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 34: वाली के द्वारा रावण का पराभव तथा रावण का उन्हें अपना मित्र बनाना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  7.34.23 
अथ ते राक्षसामात्या ह्रियमाणे दशानने।
मुमोक्षयिषवो वालिं रवमाणा अभिद्रुता:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
जब रावण को इस प्रकार ले जाया गया, तो उसके मंत्री उसे बाली से बचाने के लिए जोर-जोर से चिल्लाते हुए उसके पीछे दौड़े।
 
When Ravana was thus taken away, his ministers ran after him, shouting loudly to rescue him from Vali. 23.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)