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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 34: वाली के द्वारा रावण का पराभव तथा रावण का उन्हें अपना मित्र बनाना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.34.16 
जिघृक्षमाणमायान्तं रावणं पापचेतसम्।
कक्षावलम्बिनं कृत्वा गमिष्ये त्रीन् महार्णवान्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने निश्चय कर लिया था कि जब पापी रावण उन्हें पकड़ने के लिए उनके पास आएगा, तब वे उसे अपनी काँख में पकड़कर शेष तीन समुद्रों के पार ले जाएँगे॥16॥
 
He had decided that when the sinful Ravana would come near him to catch him, he would hold him in his armpit and carry him across the remaining three oceans.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)