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ramayan 7.34.11: तब जगत को रुलाने वाला रावण तारा को अपशब्द कहकर पुष्पक विमान पर सवार होकर दक्षिण सागर की ओर चला गया।   |   ramayan सर्ग 7.34: वाली के द्वारा रावण का पराभव तथा रावण का उन्हें अपना मित्र बनाना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 34: वाली के द्वारा रावण का पराभव तथा रावण का उन्हें अपना मित्र बनाना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  7.34.11 
स तु तारं विनिर्भर्त्स्य रावणो लोकरावण:।
पुष्पकं तत् समारुह्य प्रययौ दक्षिणार्णवम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
तब जगत को रुलाने वाला रावण तारा को अपशब्द कहकर पुष्पक विमान पर सवार होकर दक्षिण सागर की ओर चला गया।
 
Then Ravana, who made the world cry, after abusing Tara, boarded the Pushpaka plane and proceeded towards the southern ocean.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)