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ramayan 7.32.62: परन्तु अर्जुन की गदासे घायल होकर रावण एक धनुष दूर जाकर बैठ गया और पीड़ासे कराहने लगा॥ 62॥   |   ramayan सर्ग 7.32: अर्जुन की भुजाओं से नर्मदा के प्रवाह का अवरुद्ध होना, रावण के पुष्पोपहार का बह जाना, फिर रावण आदि निशाचरों का अर्जुन के साथ युद्ध तथा अर्जुन का रावण को कैद करके अपने नगर में ले जाना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 32: अर्जुन की भुजाओं से नर्मदा के प्रवाह का अवरुद्ध होना, रावण के पुष्पोपहार का बह जाना, फिर रावण आदि निशाचरों का अर्जुन के साथ युद्ध तथा अर्जुन का रावण को कैद करके अपने नगर में ले जाना  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  7.32.62 
स त्वर्जुनप्रयुक्तेन गदाघातेन रावण:।
अपासर्पद् धनुर्मात्रं निषसाद च निष्टनन्॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
परन्तु अर्जुन की गदासे घायल होकर रावण एक धनुष दूर जाकर बैठ गया और पीड़ासे कराहने लगा॥ 62॥
 
‘However, Ravana, struck by the mace thrown by Arjuna, retreated one bow's length and sat down wailing in pain.॥ 62॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)