Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.32.58: उस समय न तो अर्जुन थके और न ही राक्षसराज रावण। उन दोनों का युद्ध पूर्वकाल में हुए इन्द्र और बलि के युद्ध के समान प्रतीत हो रहा था। | ramayan सर्ग 7.32: अर्जुन की भुजाओं से नर्मदा के प्रवाह का अवरुद्ध होना, रावण के पुष्पोपहार का बह जाना, फिर रावण आदि निशाचरों का अर्जुन के साथ युद्ध तथा अर्जुन का रावण को कैद करके अपने नगर में ले जाना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नार्जुन: खेदमायाति न राक्षसगणेश्वर:।
सममासीत् तयोर्युद्धं यथा पूर्वं बलीन्द्रयो:॥ ५८॥
अनुवाद
उस समय न तो अर्जुन थके और न ही राक्षसराज रावण। उन दोनों का युद्ध पूर्वकाल में हुए इन्द्र और बलि के युद्ध के समान प्रतीत हो रहा था।
‘At that time neither Arjuna nor the king of the demons Ravana got tired. The battle between the two seemed similar, just like the battle between Indra and Bali who fought each other in the past. 58.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥