Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.32.55: जैसे बिजली की चमक से सम्पूर्ण दिशाएँ गूँज उठती हैं, उसी प्रकार उन दोनों वीरों की गदाओं के प्रहार से सम्पूर्ण दिशाएँ गूँजने लगीं॥55॥ | ramayan सर्ग 7.32: अर्जुन की भुजाओं से नर्मदा के प्रवाह का अवरुद्ध होना, रावण के पुष्पोपहार का बह जाना, फिर रावण आदि निशाचरों का अर्जुन के साथ युद्ध तथा अर्जुन का रावण को कैद करके अपने नगर में ले जाना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यथाशनिरवेभ्यस्तु जायतेऽथ प्रतिश्रुति:।
तथा तयोर्गदापोथैर्दिश: सर्वा: प्रतिश्रुता:॥ ५५॥
अनुवाद
जैसे बिजली की चमक से सम्पूर्ण दिशाएँ गूँज उठती हैं, उसी प्रकार उन दोनों वीरों की गदाओं के प्रहार से सम्पूर्ण दिशाएँ गूँजने लगीं॥55॥
‘Just as all directions resound with the sound of lightning, similarly all directions began to resound with the blows of the maces of those two heroes.॥ 55॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥