Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.32.44: 'प्रहस्त के हाथ से छूटे हुए मूसल की नोक से अशोक पुष्प के समान लाल अग्नि प्रकट हुई, जो जलती हुई प्रतीत हो रही थी। | ramayan सर्ग 7.32: अर्जुन की भुजाओं से नर्मदा के प्रवाह का अवरुद्ध होना, रावण के पुष्पोपहार का बह जाना, फिर रावण आदि निशाचरों का अर्जुन के साथ युद्ध तथा अर्जुन का रावण को कैद करके अपने नगर में ले जाना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'प्रहस्त के हाथ से छूटे हुए मूसल की नोक से अशोक पुष्प के समान लाल अग्नि प्रकट हुई, जो जलती हुई प्रतीत हो रही थी।
‘From the tip of the pestle that had been released from Prahasta's hand there appeared a red fire, like the Ashoka flower, which appeared as if it was burning.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥