Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.32.40: सुन्दर स्वर्ण बाजूबंद पहने हुए वीर अर्जुन ने तुरन्त अपनी गदा उठाई और राक्षसों पर इस प्रकार आक्रमण किया, मानो सूर्यदेव ने अंधकार के समूह पर आक्रमण किया हो।   |   ramayan सर्ग 7.32: अर्जुन की भुजाओं से नर्मदा के प्रवाह का अवरुद्ध होना, रावण के पुष्पोपहार का बह जाना, फिर रावण आदि निशाचरों का अर्जुन के साथ युद्ध तथा अर्जुन का रावण को कैद करके अपने नगर में ले जाना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 32: अर्जुन की भुजाओं से नर्मदा के प्रवाह का अवरुद्ध होना, रावण के पुष्पोपहार का बह जाना, फिर रावण आदि निशाचरों का अर्जुन के साथ युद्ध तथा अर्जुन का रावण को कैद करके अपने नगर में ले जाना  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  7.32.40 
स तूर्णतरमादाय वरहेमाङ्गदो गदाम्।
अभिदुद्राव रक्षांसि तमांसीव दिवाकर:॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
सुन्दर स्वर्ण बाजूबंद पहने हुए वीर अर्जुन ने तुरन्त अपनी गदा उठाई और राक्षसों पर इस प्रकार आक्रमण किया, मानो सूर्यदेव ने अंधकार के समूह पर आक्रमण किया हो।
 
The heroic Arjuna, wearing a beautiful golden armlet, immediately took up his mace and attacked the demons as if the Sun God had attacked the mass of darkness.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)