Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.32.30: 'तात! दशग्रीव! यदि तुम्हारे हृदय में युद्ध के लिए उत्साह है, तो सारी रात क्षमा करके आज रात यहीं ठहरो। फिर कल प्रातःकाल तुम राजा अर्जुन को समारोह में उपस्थित देखोगे। 30॥ | ramayan सर्ग 7.32: अर्जुन की भुजाओं से नर्मदा के प्रवाह का अवरुद्ध होना, रावण के पुष्पोपहार का बह जाना, फिर रावण आदि निशाचरों का अर्जुन के साथ युद्ध तथा अर्जुन का रावण को कैद करके अपने नगर में ले जाना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'तात! दशग्रीव! यदि तुम्हारे हृदय में युद्ध के लिए उत्साह है, तो सारी रात क्षमा करके आज रात यहीं ठहरो। फिर कल प्रातःकाल तुम राजा अर्जुन को समारोह में उपस्थित देखोगे। 30॥
‘Tat! Dashagriva! If you have enthusiasm for war in your heart, then forgive the whole night and stay here tonight. Then tomorrow morning you will see King Arjun present in the ceremony. 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥