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ramayan 7.32.27-28h: रावण के वचन सुनकर अर्जुन के मन्त्री अपने-अपने शस्त्र हाथ में लेकर खड़े हो गए और रावण से इस प्रकार बोले-॥27 1/2॥   |   ramayan सर्ग 7.32: अर्जुन की भुजाओं से नर्मदा के प्रवाह का अवरुद्ध होना, रावण के पुष्पोपहार का बह जाना, फिर रावण आदि निशाचरों का अर्जुन के साथ युद्ध तथा अर्जुन का रावण को कैद करके अपने नगर में ले जाना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 32: अर्जुन की भुजाओं से नर्मदा के प्रवाह का अवरुद्ध होना, रावण के पुष्पोपहार का बह जाना, फिर रावण आदि निशाचरों का अर्जुन के साथ युद्ध तथा अर्जुन का रावण को कैद करके अपने नगर में ले जाना  »  श्लोक 27-28h
 
 
श्लोक  7.32.27-28h 
रावणस्य वच: श्रुत्वा मन्त्रिणोऽथार्जुनस्य ते॥ २७॥
उत्तस्थु: सायुधास्तं च रावणं वाक्यमब्रुवन्।
 
 
अनुवाद
रावण के वचन सुनकर अर्जुन के मन्त्री अपने-अपने शस्त्र हाथ में लेकर खड़े हो गए और रावण से इस प्रकार बोले-॥27 1/2॥
 
‘On hearing Ravana's words, Arjun's ministers stood up with their weapons in hand and spoke to Ravana thus -॥ 27 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)