Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.32.11: उनके मुँह से एक शब्द भी नहीं निकला। अपने मौन व्रत की रक्षा के लिए उन्होंने शुक और सारण को आदेश दिया कि वे बिना बोले केवल अपने दाहिने हाथ की उँगली से संकेत करके बाढ़ का कारण पता लगाएँ। | ramayan सर्ग 7.32: अर्जुन की भुजाओं से नर्मदा के प्रवाह का अवरुद्ध होना, रावण के पुष्पोपहार का बह जाना, फिर रावण आदि निशाचरों का अर्जुन के साथ युद्ध तथा अर्जुन का रावण को कैद करके अपने नगर में ले जाना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनके मुँह से एक शब्द भी नहीं निकला। अपने मौन व्रत की रक्षा के लिए उन्होंने शुक और सारण को आदेश दिया कि वे बिना बोले केवल अपने दाहिने हाथ की उँगली से संकेत करके बाढ़ का कारण पता लगाएँ।
‘Not a single word came out of his mouth. To protect his vow of silence, he ordered Shuka and Saran to find out the cause of the flood by merely signalling with the finger of his right hand without speaking.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥