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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 7: उत्तर काण्ड
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सर्ग 31: रावण का माहिष्मतीपुरी में जाना और वहाँ के राजा अर्जुन को न पाकर मन्त्रियों सहित उसका विन्ध्यगिरि के समीप नर्मदा में नहाकर भगवान् शिव की आराधना करना
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श्लोक 39-40h
श्लोक
7.31.39-40h
तत्र स्नात्वा च विधिवज्जप्त्वा जप्यमनुत्तमम्॥ ३९॥
नर्मदासलिलात् तस्मादुत्ततार स रावण:।
अनुवाद
वहाँ विधिपूर्वक स्नान करके रावण ने उत्तम मंत्र पढ़ा और फिर नर्मदा के जल से बाहर आया।
‘After taking a bath there as per rituals, Ravana recited the most excellent mantra. After this he came out of the water of Narmada.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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