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ramayan 7.31.34-35h: 'रावण के ऐसा कहने पर प्रहस्त, शुक, सारण, महोदर और धूम्राक्ष ने नर्मदा में स्नान किया।   |   ramayan सर्ग 7.31: रावण का माहिष्मतीपुरी में जाना और वहाँ के राजा अर्जुन को न पाकर मन्त्रियों सहित उसका विन्ध्यगिरि के समीप नर्मदा में नहाकर भगवान् शिव की आराधना करना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 31: रावण का माहिष्मतीपुरी में जाना और वहाँ के राजा अर्जुन को न पाकर मन्त्रियों सहित उसका विन्ध्यगिरि के समीप नर्मदा में नहाकर भगवान् शिव की आराधना करना  »  श्लोक 34-35h
 
 
श्लोक  7.31.34-35h 
रावणेनैवमुक्तास्तु प्रहस्तशुकसारणा:॥ ३४॥
समहोदरधूम्राक्षा नर्मदां विजगाहिरे।
 
 
अनुवाद
'रावण के ऐसा कहने पर प्रहस्त, शुक, सारण, महोदर और धूम्राक्ष ने नर्मदा में स्नान किया।
 
‘Upon Ravana saying this, Prahasta, Shuka, Saran, Mahodar and Dhoomraksha bathed in the Narmada.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)