Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.31.33-34h: ‘इस महान नदी में स्नान करने से तुम अपने पापों से मुक्त हो जाओगे। आज मैं भी शरद ऋतु के चन्द्रमा के समान उज्ज्वल नर्मदा नदी के तट पर जटाधारी महादेवजी को पुष्प अर्पित करूँगा।’॥33 1/2॥ | ramayan सर्ग 7.31: रावण का माहिष्मतीपुरी में जाना और वहाँ के राजा अर्जुन को न पाकर मन्त्रियों सहित उसका विन्ध्यगिरि के समीप नर्मदा में नहाकर भगवान् शिव की आराधना करना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘इस महान नदी में स्नान करने से तुम अपने पापों से मुक्त हो जाओगे। आज मैं भी शरद ऋतु के चन्द्रमा के समान उज्ज्वल नर्मदा नदी के तट पर जटाधारी महादेवजी को पुष्प अर्पित करूँगा।’॥33 1/2॥
‘By taking a bath in this great river you will be freed from your sins. Today I too will offer flowers to the matted-haired Mahadevji on the banks of the Narmada river, which is as bright as the autumn moon.’॥ 33 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥