Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.31.27-28h: फिर वहाँ उन्होंने शुक, सारण तथा अन्य मंत्रियों से खेल-खेल में कहा - 'ये सूर्यदेव इस समय आकाश के मध्य में विराजमान होकर अपनी सहस्रों किरणों से सम्पूर्ण जगत को मानो काँच का बना रहे हैं तथा प्रचण्ड गर्मी दे रहे हैं। | ramayan सर्ग 7.31: रावण का माहिष्मतीपुरी में जाना और वहाँ के राजा अर्जुन को न पाकर मन्त्रियों सहित उसका विन्ध्यगिरि के समीप नर्मदा में नहाकर भगवान् शिव की आराधना करना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
फिर वहाँ उन्होंने शुक, सारण तथा अन्य मंत्रियों से खेल-खेल में कहा - 'ये सूर्यदेव इस समय आकाश के मध्य में विराजमान होकर अपनी सहस्रों किरणों से सम्पूर्ण जगत को मानो काँच का बना रहे हैं तथा प्रचण्ड गर्मी दे रहे हैं।
Then there he said playfully to Shuka, Saran and other ministers - 'This Sun God is currently sitting in the middle of the sky, making the entire world as if it was glass with his thousands of rays and giving tremendous heat.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥