श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 31: रावण का माहिष्मतीपुरी में जाना और वहाँ के राजा अर्जुन को न पाकर मन्त्रियों सहित उसका विन्ध्यगिरि के समीप नर्मदा में नहाकर भगवान् शिव की आराधना करना  »  श्लोक 22-25
 
 
श्लोक  7.31.22-25 
फुल्लद्रुमकृतोत्तंसां चक्रवाकयुगस्तनीम्।
विस्तीर्णपुलिनश्रोणीं हंसावलिसुमेखलाम्॥ २२॥
पुष्परेण्वनुलिप्ताङ्गीं जलफेनामलांशुकाम्।
जलावगाहसुस्पर्शां फुल्लोत्पलशुभेक्षणाम्॥ २३॥
पुष्पकादवरुह्याशु नर्मदां सरितां वराम्।
इष्टामिव वरां नारीमवगाह्य दशानन:॥ २४॥
स तस्या: पुलिने रम्ये नानामुनिनिषेविते।
उपोपविष्ट: सचिवै: सार्धं राक्षसपुङ्गव:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
नदियों में श्रेष्ठ नर्मदा अत्यंत सुंदर प्रियतम स्त्री के समान प्रतीत हो रही थी। तट पर पुष्पित वृक्ष उसके आभूषणों के समान थे। चक्रवाकों के जोड़े उसके वक्षों का स्थान ले रहे थे। ऊँचे और चौड़े बकरे उसके नितंबों के समान प्रतीत हो रहे थे। हंसों की पंक्ति मोतियों की मेखला के समान शोभा दे रही थी। पुष्पों के पराग उसकी सुगंध बनकर उसके अंग-प्रत्यंगों से चिपक रहे थे। जल का चमकीला झाग उसकी स्वच्छ श्वेत साड़ी का काम कर रहा था। जल में गोते लगाना उसका सुखद स्पर्श था और खिले हुए कमल पुष्प उसके सुंदर नेत्रों के समान प्रतीत हो रहे थे। राक्षसराज दशमुख रावण ने शीघ्रतापूर्वक पुष्पक विमान से उतरकर नर्मदा के जल में डुबकी लगाई और बाहर आकर अपने मंत्रियों के साथ अनेक ऋषियों द्वारा सेवित उसके सुंदर तट पर बैठ गया।
 
‘The best of the rivers, the Narmada, appeared like a very beautiful beloved woman. The trees blooming on the banks were like her ornaments. The pairs of Chakravakas were taking the place of her breasts. The tall and wide sea-goats appeared like her buttocks. The row of swans was giving beauty like a belt made of pearls. The pollen of the flowers became her perfume and were sticking to her body parts. The bright foam of the water was acting as her clean, white sari. Diving in the water was its pleasant touch and the blooming lotus flowers appeared like her beautiful eyes. The demon king, Dasamukh Ravana, quickly got down from the Pushpak Viman and took a dip in the water of the Narmada and coming out, he sat with his ministers on its beautiful bank served by many sages.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)