श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 31: रावण का माहिष्मतीपुरी में जाना और वहाँ के राजा अर्जुन को न पाकर मन्त्रियों सहित उसका विन्ध्यगिरि के समीप नर्मदा में नहाकर भगवान् शिव की आराधना करना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  7.31.11 
क्वार्जुनो नृपति: शीघ्रं सम्यगाख्यातुमर्हथ।
रावणोऽहमनुप्राप्तो युद्धेप्सुर्नृवरेण ह॥ ११॥
 
 
अनुवाद
मन्त्रियों! मुझे शीघ्र और ठीक-ठीक बताओ कि राजा अर्जुन कहाँ हैं? मैं रावण हूँ और तुम्हारे राजा से युद्ध करने आया हूँ॥ 11॥
 
‘Ministers! Tell me quickly and precisely, where is King Arjun? I am Ravana and I have come to fight with your king.॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)