श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 31: रावण का माहिष्मतीपुरी में जाना और वहाँ के राजा अर्जुन को न पाकर मन्त्रियों सहित उसका विन्ध्यगिरि के समीप नर्मदा में नहाकर भगवान् शिव की आराधना करना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.31.10 
तमेव दिवसं सोऽथ रावणस्तत्र आगत:।
रावणो राक्षसेन्द्रस्तु तस्यामात्यानपृच्छत॥ १०॥
 
 
अनुवाद
‘उसी दिन रावण महिष्मतीपुरी में आया। वहाँ पहुँचकर राक्षसराज रावण ने राजा के मंत्रियों से पूछा -॥10॥
 
‘On the same day Ravana came to Mahishmatipuri. After reaching there the demon king Ravana asked the king's ministers -॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)