Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.30.49-50h: ब्रह्माजी की यह बात सुनकर देवराज इन्द्र ने वैष्णव यज्ञ किया। यज्ञ पूर्ण करके देवराज स्वर्गलोक चले गए और वहाँ देवताओं का राज्य करने लगे। | ramayan सर्ग 7.30: ब्रह्माजी का इन्द्रजित को वरदान देकर इन्द्र को उसकी कैद से छुड़ाना और उनके पूर्वकृत पापकर्म को याद दिलाकर उनसे वैष्णव- यज्ञ का अनुष्ठान करने के लिये कहना, उस यज्ञ को पूर्ण करके इन्द्र का स्वर्ग लोक में जाना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एतच्छ्रुत्वा महेन्द्रस्तु यज्ञमिष्ट्वा च वैष्णवम्॥ ४९॥
पुनस्त्रिदिवमाक्रामदन्वशासच्च देवराट्।
अनुवाद
ब्रह्माजी की यह बात सुनकर देवराज इन्द्र ने वैष्णव यज्ञ किया। यज्ञ पूर्ण करके देवराज स्वर्गलोक चले गए और वहाँ देवताओं का राज्य करने लगे।
On hearing this from Brahmaji, Devraj Indra performed the Vaishnava Yagya. After completing the Yagya, Devraj went to heaven and started ruling the kingdom of gods there. 49 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥