Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.3.35: पुण्यात्मा धनेश्वर समय-समय पर पुष्पक विमान से अपने माता-पिता के पास आते थे। उनका हृदय अत्यंत विनम्र था।   |   ramayan सर्ग 7.3: राक्षस वंश का वर्णन - हेति, विद्युत्केश और सुकेश की उत्पत्ति   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 3: राक्षस वंश का वर्णन - हेति, विद्युत्केश और सुकेश की उत्पत्ति  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  7.3.35 
काले काले तु धर्मात्मा पुष्पकेण धनेश्वर:।
अभ्यागच्छद् विनीतात्मा पितरं मातरं च हि॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
पुण्यात्मा धनेश्वर समय-समय पर पुष्पक विमान से अपने माता-पिता के पास आते थे। उनका हृदय अत्यंत विनम्र था।
 
From time to time the virtuous Dhaneshwar used to visit his parents by coming in the Pushpak Vimana. His heart was very humble. 35.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)