Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.3.14-15h: हे उत्तम व्रत का पालन करने वाले! मैं तुम्हारे कार्य और तप से अत्यन्त संतुष्ट हूँ। महामते! तुम्हारा कल्याण हो। तुम वर माँग लो; क्योंकि तुम वर पाने के योग्य हो। 14 1/2॥ | ramayan सर्ग 7.3: राक्षस वंश का वर्णन - हेति, विद्युत्केश और सुकेश की उत्पत्ति । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
परितुष्टोऽस्मि ते वत्स कर्मणानेन सुव्रत॥ १४॥
वरं वृणीष्व भद्रं ते वरार्हस्त्वं महामते।
अनुवाद
हे उत्तम व्रत का पालन करने वाले! मैं तुम्हारे कार्य और तप से अत्यन्त संतुष्ट हूँ। महामते! तुम्हारा कल्याण हो। तुम वर माँग लो; क्योंकि तुम वर पाने के योग्य हो। 14 1/2॥
O you who follow the best fast! I am very satisfied with your work and penance. Mahamate! do you good. You ask for a boon; Because you are worthy of getting a groom. 14 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥