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ramayan 7.29.32: ऐसा सोचकर सभी देवता क्रोध से भर गए और रावण को युद्ध से विमुख कर उस पर बाणों की वर्षा करने लगे।   |   ramayan सर्ग 7.29: रावण का देवसेना के बीच से होकर निकलना, देवताओं का उसे कैद करने के लिये प्रयत्न, मेघनाद का माया द्वारा इन्द्र को बन्दी बनाना तथा विजयी होकर सेना सहित लङ्का को लौटना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 29: रावण का देवसेना के बीच से होकर निकलना, देवताओं का उसे कैद करने के लिये प्रयत्न, मेघनाद का माया द्वारा इन्द्र को बन्दी बनाना तथा विजयी होकर सेना सहित लङ्का को लौटना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  7.29.32 
एतस्मिन्नन्तरे क्रुद्धा: सर्वे सुरगणास्तदा।
रावणं विमुखीकृत्य शरवर्षैरवाकिरन्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
ऐसा सोचकर सभी देवता क्रोध से भर गए और रावण को युद्ध से विमुख कर उस पर बाणों की वर्षा करने लगे।
 
Thinking thus, all the gods became filled with anger and turning Ravana away from the battle, began showering arrows upon him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)